10 Lines Short Stories With Moral In Hindi || ज्ञानवर्धक छोटी कहानियाँ

नमस्कार दोस्टोन मैं अपने इस पोस्ट 10 Lines Short Stories With Moral In Hindiमें आप लोगों को अच्छी और ज्ञानवर्धक कहानियाँ लिख रहा हूँ जजिसे पढ़कर आप लोगों को ज्ञान और आनंद मिलेगा 

10 Lines Short Stories With Moral In Hindi

जो होता है अच्छे के लिए ही होता है

10 Lines Short Stories With Moral In Hindi

एक बार भगवान से उनका सेवक कहता है  आप एक जगह खड़े-खड़े थक गए होंगे मैं एक दिन

आपकी जगह मूर्ति बनाकर खड़ा हो जाऊं और आप मेरा रूप धारण करके घुमा आओ भगवान

मान लेते हैं लेकिन शर्त रखते हैं कि जो भी लोग प्रार्थना करने आए तुम बस उनकी प्रार्थना सुन लेना

कुछ बोलना नहीं मैं उन सभी के लिए प्लानिंग कर रखी है सेवक मान जाता है सबसे पहले मंदिर में

बिजनेसमैन आता है और कहता है भगवान जी मैंने एक नई फैक्ट्री डाली है उसे खूब सफल करना

वह माथा टेकता है और उसका पर्स नीचे गिर जाता वह बिना पर्स लिए ही आगे चला जाता  है यह

देखकर सेवक बेचैन हो जाता है और सोचता है कि रोककर उसे बताएं कि आरे यह तुम्हारा पर्स गिर गया है

लेकिन क्या करता शर्त की वजह से वह कह नहीं पता इसके बाद एक बहुत ही गरीब इंसान आता है

और भगवान को कहता है कि मेरे घर में खाने के लिए कुछ भी नहीं है भगवान मदद करो मेरी तभी उसकी

नजर पर्स पर पड़ी मैंने आपसे मांगा और  आपने मुझे दे भी दिया भगवान का शुक्रिया अदा करता है

और वह खुशी – खुशी चला जाता है इन दोनों के जाने के बाद एक तीसरा व्यक्ति आता है वह नाव चलाता है

वह भगवान से कहता है कि 15 दिनों केलिए जहाज लेकर समुद्र की यात्रा पर जा रहा हूं

मेरी यात्रा में कोई भी अर्चन न आए  भगवान बस यही आशीर्वाद दीजिए तभी पीछे से वही बिजनेसमैन जो

की सुबह-सुबह आया था माथा टेकने  के लिए वह पुलिस लेकर आता है और कहता है कि मेरे बाद

यह नाविक ही आया  है इसी  ने मेरा पर्स चुरा लिया इंस्पेक्टर साहब इसे गिरफ्तार कर लीजिए पुलिस नाविक

10 Lines Short Stories With Moral In Hindi 

को ले जाने लगी तभी सेवक बोल पड़ता है फिर क्या था अब पुलिस सेवक के कहने पर उस गरीब

आदमी को बंद कर देती है रात को भगवान आते हैं तो सेवक खुशी-खुशी पूरा किस्सा बताता है भगवान

कहते हैं तुमने न किसी का काम

बनाया नहीं है बल्कि बिगाड़ा है इस पर सेवक बड़ा हैरान होता है  मैं तो अच्छा काम किया

आप कह रहे हैं की बिगाड़ दिया  मैंने  तुम्हें कहा था कि मैं हर किसी के लिए पूरी प्लानिंग कर रखी है

अब देखो वह बीजनसमैन गलत तरीके से धन कमाता है अगर उसका पर्स गिर भी गया तो उसे कोई

फर्क नहीं पड़ता था इससे उसके पाप ही कम होते क्योंकि वह पर्श गरीब इंसान को मिला था उसके घर में

कुछ दिन खाने के लिए पैसा आ जाताउसके बच्चे भूखे नहीं मरते और रही बात नाविक की तो

वह जिस यात्रा पर जा रहा था ना वहां तूफान आने वाला थाअगर वह जेल में रहता तो जान बच जाती

और उसकीपत्नी विधवा होने से बच जाती  लेकिन क्या करें तुमने अपनी बुद्धि लगाकर सब

गड़बड़ कर दी |

कहानी 2 ,  दूसरे के बारे में कुछ करें

10 Lines Short Stories With Moral In Hindi

एक आदमी ने  देखा एक बच्चा उसकी कीमती कार  को  उसकी लग्जरी कार  को बहुत गौर से

निहार रहा था |आदमी ने उस लड़के को कार  में बिठा लिया यह सोचकर कि बेचारे को कभी मौका

ही नहीं मिला होगा| इतनी फैंसी लग्जरी कार  को देखने का ,कार  में बैठने के बाद पहले तो लड़का

बहुत खुश हुआ गौर से एक -एक चीज को देख रहा था उसका डैशबोर्ड उसका स्टीयरिंग उसका

गेयर सिस्टम उसकी सीट हर  चीज को छूकर  देखा रहा था | और यह सब देखने के बाद उस आदमी

से पूछता है अंकल आपकी कार  बहुत अच्छी है बहुत कीमती होगी ना उस आदमी ने कहा हाँ मुझे

मेरे भाई ने गिफ्ट दिया है | लड़का कुछ सोंचते हुये बोलता है , आपके भाई कितने अच्छे हैं इस पर वह

आदमी बोलता है वह तो है ही कहाँ मिलते हैं ऐसे भाई | अंदर ही अंदर वह आदमी सोंच रहा था सायद

वह छोटा सा  लड़का अपने दोस्त , रिश्तेदार के बारे में मे सोंच रहा होगा , इस पर  वह आदमी कहता है

मुझे पता है तुम क्या सोंच रहे हो तुम भी बड़े होकर ऐसी कार चाहते हो ना लड़का कहता है नहीं अंकल मैं

आपके भाई की तरह बनना चाहता हूँ

कहानी 3- दो साधुओं का नजरिया 10 Lines Short Stories With Moral In Hindi

10 Lines Short Stories With Moral In Hindi

किसी  गांव में दो साधु रहते थे |वह दिन भर भीक्षा मांगकर  अपना गुजारा करते थे| और मंदिर

में पूजा किया करते थे |एक दिन गांव में आंधी आ गई और बहुत जोरों से  बारिश होने लगी दोनों

साधू गांव की सीमा से लगी एक झोपड़ी में रहते थे |साम को जब दोनों वापस पहुंचे तो देखा की

आंधी तूफान के कारण उनकी आधी झोपडी टूट गई है यह देखकर पहले साधु तो बहुत गुस्सा हुआ|

और बुदबुदाने  लगा  भगवान तू  हमेशा मेरे साथ ही क्यों ऐसा गलत करता है मैंने क्या बिगाड़ा है तेरा

मैं दिन भर तेरा नाम लेता हूं मंदिर में तेरी पूजा करता हूं फिर भी तूने मेरी झोपड़ी तोड़ दी और गांव के

चोर लुटेरे झूठे लोग उनका तो तूने कुछ नहीं बिगड़ा बेचारे हम साधुओं की झोपडी ही तूने तोड़ दी यह

तेरा ही काम है हम तेरा नाम जपते हैं लेकिन तू हमसे प्यार नहीं करता आज के बाद मैं तेरी पूजा बिलकुल

नहीं करूंगा बस इसी तरह की बातें वह साधू करता रहा और रोता रहा तभी दूसरा साधू आता और

अपनी झोपड़ी को देखकर खुश हो जाता  है नाचने लगता है और कहता है भगवान आज मुझे  विश्वास

हो गया तू  हमसे कितना प्यार करता है यह हमारी आधी झोपडी तूने बचाई है  न वरना इतनी तेज आंधी

तूफान में तो पूरी झोपडी ही उड़ जाती यह सिर्फ और सिर्फ तेरी कृपा है कि अभी भी हमारे पास छत है

भले छोटी है  पर है तो सही निश्चित ही मेरी पूजा का फल है कल से मैं तेरी और पूजा करूंगा मेरा तुम पर

विश्वास और भी बढ़ गया |तो देखा एक ही सिचुएशन दो लोग मतलब जैसे दोनों में अलग-अलग चश्मा

कहानी 4 – ज्योतिषी और किसान – 10 Lines Short Stories With Moral In Hindi 

10 Lines Short Stories With Moral In Hindi 

एक देश का राजा था | वह पुरुषार्थी चक्रवर्ती सम्राट था  लेकिन कोई भी काम बिना ज्योतिषी से

मुहूर्त निकाले  करता नहीं था |इसी कारण से उस राजा की प्रजा और उसके जो मंत्री थे सबको

बहुत चिंता होने लगी थी एक दिन राजा ने सोचा चलो अपने देश के दौरे पर निकलते हैं उसके साथ

उसका राज ज्योतिषी भी था अपने देश का भ्रमण करते-करते उन्हें रास्ते में एक किसान  मिला जो

हल बैल लेकर खेत जोतने जा रहा था उससे  ज्योतिषी ने कहा अरे मूर्ख तू जनता नहीं है आज इस

दिशा में जाना ठीक नहीं है तुम उसी  दिशा की ओर जा रहे हो अगर तुम इसी दिशा में फिर से गए

तो तुम्हें बहुत नुकसान हो सकता है तब किसान  ने शांत स्वर से कहा महाराज पिछले कई सालों से

मैं इसी दिशा में जा रहा हूं | ऐसे में कई दिन ऐसे भी आए होंगे जब यह दिशा ज्योतिष के लिहाज  से

ठीक नहीं रही होगी लेकिन मुझे आज तक कुछ भी नहीं हुआ किसान  ने जब राज ज्योतिषी की बात

को सीरे से नकार दिया  तो ज्योतिषी ने कहा अच्छा तुम अपना हाथ दिखाओ तो तुम्हारा हाथ देखकर

मैं बताता हूं किसन  ने उसकी ओर  हाथ किया तब राज  ज्योतिष ने गुस्से से कहा अरे बेवकूफ हाथ

दिखाते समय सीधा हाथ दिखाते हैं उल्टा नहीं |

रोमांचक और शिक्षाप्रद कहानी 

तब किसान  ने कहा महाराज माफ कीजिएगा मैं अपने

हाथों से मेहनत करता हूं मैं किसी से भीख नहीं मांगता उस सीधे-साधे किसान के मुंह  से इस तरह

का उत्तर पाकर  राज  ज्योतिषी के पास कोई जवाब नहीं था यह सारी घटना उस देश का राजा अपनी

आंखों से देख रहा था और उसे उस दिन इस बात का एहसास हुआ कि भविष्य जानना कुछ मायनों

में तो संभव हो सकता है लेकिन पूरी तरह से यह सच हो ऐसा संभव नहीं इसलिए  हमेशा कर्म करते

जाएं आपको फल हमेशा अच्छा ही मिलेगा ऐसा हो सकता है कि फल मिलने में देरी हो जाए लेकिन

आखिरकार जीत तो आपकी होकर ही रहेगी अगर आप ईमानदारी से कर्म  करेंगे तो |

कहानी 5 – जब भी करें जो भी करें बहुत ही बढ़िया करें | बढ़ई और ठेकेदार की कहानी 

10 Lines Short Stories With Moral In Hindi 

एक बूढ़ा  कारपेंटर अपने काम के लिए बहुत जाना जाता था |मतलब बहुत फेमस था दूर-दूर से लोग

उसके पास लकड़ी की चीजें  बनवाने आया करते थे |पर उम्र  हो गई थी तो उसने सोचा कि अब मैं

रिटायरमेंट ले लेता हूं तो जिस ठेकेदार के पास वो काम किया करता था उसके पास जाकर बोला

ठेकेदार साहब मैं बहुत साल आपकी सेवा की है मन लगाकर काम किया पर अब लगता है कि आराम

करूँ  पूजा पाठ में समय बिताऊँ  और अपने पोते पोतियो के साथ खेलूँ  आप प्लीज मुझे यह जॉब

छोड़ने की अनुमति दे दीजिए ठीकेदार कार्पेंटर को बहुत मानता था इसलिए यह सुनकर उसे थोड़ा

सा दुख तो हुआ थोड़ा सा निराश तो हुआ पर वह कारपेंटर की बात का मान  रखना चाहता था

उसने कहा कि आप यहां के सबसे एक्सपीरियंस इंसान है ना जाने कितने लड़कों को आपने  यहां

पर ट्रेनिंग दी मैं चाहता तो नहीं कि आप जाए पर अगर आप जाना ही चाहते हैं तो ठीक है मैं

आपको रोकूंगा नहीं लेकिन हाँ जाने से पहले अपना एक आखरी  काम करते जाइए इस पर

कार्पेंटर बोलता है आप बताइए न क्या करना है वह ठीकेदार कहता है मैं चाहता हूँ कि जाते-जाते

आप हमारे लिए एक और लकड़ी का घर तैयार कर दीजिए ठेकेदार ने यह कहकर उन्हें जरूरी

पैसे देते हुए बोला और हां थोड़ा सा जल्दी बनाइएगा |

Long Moral Stories

10 Lines Short Stories With Moral In Hindi || 

कारपेंटर इस काम के लिए तैयार हो गया

अगले ही दिन से उसने घर बनाना शुरू कर दिया पर यह सोचकर कि यह उसका आखिरी

काम है और इसके बाद उसे कुछ नहीं करना होगा तो वह थोड़ा सा ढीला पड़ गया जहां पहले

वह बहुत सावधानी से लड़कियां चुनता  काटता अब बस काम चलाऊ तरीके से वह सब कुछ

करने लगा काम करने मे भी उतनी सफाई नहीं रखी कुछ हफ्तों में वह लकड़ी का घर तैयार हो

गया और वह  ठेकेदार के पास पहुंचा जनाब मैंने घर  तैयार कर लिया है अब तो मैं काम छोड़ कर

जा सकता हूं ना ठेकेदार बोला हाँ  बिल्कुल जा सकते हैं लेकिन अब आपको अपने पुराने छोटे

घर में जाने की जरूरत नहीं है क्योंकि इस बार जो आ पने घर बनाया है न वह  आपके बरसों

की मेहनत का इनाम है जाइए अपने परिवार के साथ उसमें खुशहाली से रहिए इस प्रकार कार्पेंटर

एकदम हैरान हो गया और मन ही मन सोचने लगा कहां मैं दूसरों के लिए एक से बढ़कर एक

घर बनाएं अपनी कारीगरी जितनी मुझे आती  थी वह सब कुछ मैंने उसमें लगाई  और अब

अपने घर की जब बारी आई उसे ही मैंने इतने  घटिया तरीके से बना दिया काश मैं यह घर भी

बाकी घरों की तरह बनाया होता पर अब क्या होता वह क्या कहते हैं अब पछताए होत  क्या जब

चिड़िया चुग गई खेत कहने  का मतलब जिंदगी में भले आपको लगे कि मैं यह पार्टिकुलर काम

आखिरी बार कर रहा हूं या फिर इसके बाद मुझे कोई आंसर नहीं देना पड़ेगा |

कहानी 6 – शेर और पंडित की कहानी और बंदर की बुद्धि 

10 Lines Short Stories With Moral In Hindi 

एक गांव के  नजदीक एक घना सा  जंगल था |उस घने जंगल में एक शेर रहता था शेर रोज गांव में

जाकर गांव वालों की बकरियां मुर्गियां खा जाता था| शेर के ऐसा  करने पर गांव वाले बहुत परेशान थे

और कुछ न कुछ सोचते रहते थे |कैसे इस शेर से छुटकारा पाया जाय गाँव के सरपंच ने कहा एक काम

करते हैं एक पिजड़ा बनवाते हैं और उस पिजड़े को  जहां से शेर आता जाता था उस रास्ते में रख देते हैं

जब शेर रात को अंधेरे में गांव की तरफ आ रहा था तो गलती से पिंजरे के अंदर चला गया शेर के भार से

पिजड़े का दरवाजा बंद हो गया |शेर बहुत चिल्लाया  पर  वहां उसकी  सुनने वाला तो कोई था ही नहीं|

काफी देर बाद वहां एक ब्राह्मण कहीं दूसरे गांव से पूजा करने जा रहा था रास्ते में शेर को देखकर वह डर

गया जैसे ही वह वापस होने लगा शेर ने मासूमियत से गिड़गिड़ाते हुये  ब्राह्मण से कहा मैं काफी देर से

पिंजरे में बंद हूँ प्लीज मुझे  बाहर निकाल दो मैं आपका एहसान मंद  रहूंगा शेर के गीडगिड़ाने पर ब्राह्मण

ने कहा  अच्छा अगर मैं तुम्हें बाहर निकाला और तुम मुझे खा  गए तो ? इस पर शेर फिर बोलता है भला

अपनी मदद करने वाले को भी कोई नुकसान पहुंचाता है| तुम चिंता मत करना मैं तुम्हें बिल्कुल नहीं खाऊंगा

शेर के गीडगिड़ाने  पर ब्राह्मण को शेर पर दया आ गई ब्राह्मण ने दरवाजा खोल दिया और शेर बाहर आ गया |

Moral Stories

10 Lines Short Stories With Moral In Hindi , मूर्ख लोगों की कभी मदद नहीं करना चाहिए 

शेर बाहर आते ही ब्राह्मण पर झपट पड़ा शेर ने कहा  अब तो मैं तुझे खा जाऊंगा ब्राह्मण का डर सही निकला

बेचारा शेर के आगे गीडगिड़ाने  लगा तो ऊपर पेड़ पर बैठा बंदर जो कि यह सारी बातें देखा रहा था उसने

कहा ब्राह्मण  देव क्या बात हो गई क्यों इस शेर  के आगे गिड़गिड़ा  रहे हो इस पर ब्राह्मण ने  सारी बात बता

दी बंदर ने कहा ब्राह्मण  देव क्या बात करते हो भला जंगल का शेर राजा इतना ताकतवर होते हुए इस चूहे के

पिंजरे में कैसे आ सकता है आप बताइए शेर को तो गरुर था  अपने ऊपर उसे अपनी बेइज्जती होती दिखी

तो कहता है  यह ठीक बोल रहा है मैं काफी देर से इस पिजड़े मे था  अगर तुम्हें यकीन नहीं होता तो मैं फिर

से पिंजरे में जाकर दिखा देता हूं बंदर ने कहा पिंजरे में घुसकर तो दिखाओ मैं भी देखता हूं आप कैसे इतने बड़े

होकर इस छोटे से पिंजरे में आ जाते हैं जैसे ही शेर दोबारा पिंजरे में गया पिंजरे का दरवाजा झट से शेर की

भार से बंद हो गया बंदर ने ब्राह्मण से कहा ब्राह्मण देव अब  अपनी जान बचाइए और भाग लीजिए ब्राह्मण

ने बंदर का बहुत धन्यवाद किया और वहां से भाग लिया |देखा एक बंदर ने कैसे अपने चतुराई से उस ब्राह्मण

की जान बचा ली और वही वह शेर ओवर कॉन्फिडेंस के चक्कर में फिर से अपने पिंजरे में कैद हो गया

10 Lines Short Stories With Moral In Hindi

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