Class 2 Short Moral Stories In Hindi || कक्षा 2 बच्चों की रोचक कहानियाँ

Class 2 Short Moral Stories In Hindi || कक्षा 2 बच्चों की रोचक कहानियाँ

कहानी 1  थोड़ा समय अपने बच्चों के लिए निकालें ,

Class 2 Short Moral Stories In Hindi

नमस्कार दोस्तों मैंने अपने इस पोस्ट Class 2 Short Moral Stories In Hindi बहुत ही बढ़िया और ज्ञानवर्धक कुछ कहानियाँ लिख रहा हूँ जिसे पढ़कर आप लोगों का ज्ञान बढ़ेगा |

एक प्राइमरी स्कूल की टीचर थीं  रोज अपने बच्चों को इनोवेटिव तरीकों से पढाती थीं  मतलब

उनका  पढ़ाने का ढंग यह था कि कभी भी वह करिकुलम से जुड़ी बुक से बच्चों को पढ़ाती नहीं थी|

कुछ ना कुछ अलग कुछ ना कुछ क्रिएटिव तरीके से उसके लिए एजुकेशन किताबों को रटना

नहीं था उसके लिए एजुकेशन थी कि इससे स्किल बिल्डिंग होनी चाहिए तो ऐसे ही उसने अपनी

क्लास के स्टूडेंट्स को कुछ छोटा सा टेस्ट दिया एक टॉपिक दिया लिखने के लिए उस दिन उसके

पास वक्त नहीं था तो इसलिए वह सारी बूकस लेकर अपने  घर आ गयी  और वहां पर कॉपी

चेक करने लगी और कॉपी चेक करते-करते उसटीचर की आंखों में आंसू बहने लगे उस टीचर का

हस्बैंड जो कि उसी  कमरे में लेटा हुआ था टीवी देखरहा था उसने कहा क्या हो गया एक कॉपी चेक

करते-करते अचानक से तुम रो क्यों पड़ी इस पर टीचर बोलती है कल मैंने  अपने स्टूडेंड्स को मेरी

सबसे बड़ी ख्वाइश पर कुछ लाइंस लिखने को कहा | इस पर एक बच्चे ने लिखा है  क्या आप जानते हैं

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– एक बच्चे ने इच्छा जाहिर किया है कि भगवान उसे टीवी बना दे यह सुनकर उसके पति   हंसने लगे

मजाक में उस टीचर को बोलते हैं यह सब तुम्हारी क्रिएटिविटी का खेल है और पढ़ाओ इन्नोवेटिव तरीके

से टीचर एकदम सीरियसहोकर बोली अरे आप सुनिए तो सही इस बच्चे ने लिखा क्या है यह बच्चा लिखता है

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अगर मैं टीवी बन जाऊंगा तो घर में मेरी एक खास जगह होगी, सारी  फैमिली मेरे आस-पास बनी रहेगी ,

जब मैं बोलूंगा तो सारे लोग मुझे ध्यान से सुनेंगे ,मुझे रोका  टोका  नहीं जाएगा और ना ही उल्टे सवाल किए

जाएंगे ,जब मैं टीवी बनूँगा  तो पापा ऑफिस से आने के बाद थके होने के बावजूद मेरे साथ बैठेंगे मम्मी को

जब टेंशन होगी तो वह मुझे डांटेंगे नहीं बल्कि मेरे साथ रहना चाहेंगी मेरे बड़े भाई बहनों के बीच मेरे पास

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रहने के लिए झगड़ा होगा यहां तक कि जब टीवी बंद रहेगा तब भी उसकी अच्छी तरह से केयर की जाएगी

और हां टीवी के रूप में मैं हर किसी को खुशी दे सकूंगा यह लाइन सुनने के बाद उस टीचर का हस्बैंड भी

थोड़ा सा सीरियस होते हुए बोलता है हे भगवान बेचारा बच्चा उसके पेरेंट्स तो इसका मतलब उस पर जरा

सा भी ध्यान नहीं देते उस टीचर ने  आंसू भरी आंखों से उसकी तरफ देखा और बोली आप जानते हैं

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वह  बच्चा कौन है हमारा अपना बच्चा हमारा छोटू सोंचिए ये छोटू कहीं आपका बच्चा तो नहीं कुल मिलाके

कहने का मतलब माना  की जिंदगी आज की बहुत भाग दौड़ से भरी हुई है अगर हम इसके साथ इसकी

रफ्तार के साथ ना चले तो शायद हम बहुत पीछे रह जाएंगे तो इस भाग दौड़ में हम जानते हैं कि हमें वक्त

नहीं मिलता लेकिन उस सारे बिजी शेड्यूल में से भी कुछ वक्त सोच के थोड़े से एफर्ट करके निकाला तो

जा ही सकता है |

कहानी 2  – 11 वर्ष की मेरिशल की कहानी ,Class 2 Short Moral Stories In Hindi

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बात 25 सितंबर सन 2000 की तब मेरिशल  सिर्फ 11 साल की थी |उस दिन वह अपने अंकल के साथ

पानी लाने के लिए बाहर गई थी |रास्ते में उन्हें चार-पांच लोगों ने घेर लिया उनके हाथों में धारदार हथियार थे |

उन्होंने अंकल से जमीन पर झुक जाने के लिए कहा और तभी चोर उन्हें मारने  लगे यह देख  मेरिसस  सदमें में

आ गई उन लोगों को जानती थी क्योंकि वह उसके पड़ोसी थे |उसे लगा अब उसकी भी जान नहीं बचेगी वह

उनसे बचकर भागने लगी पर वह छोटी थी और हत्यारे आसानी से उस तक पहुंच गए |वह बहुत ज़ोर से

चिल्लाई प्लीज मुझे मत मारो प्लीज मुझ पर दया करो प्लीज पर उन  दरिंदों ने उसकी एक न सुनी उनमें

से एक ने मेरिशल  के गले पर चाकू से वार किया मेरिशल  जमीन पर गिरकर बेहोश हो गई जब थोड़ी देर

बाद उसे होश आया तो उसने देखा वहां खून ही खून था |

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और वह लोग अभी भी वही खड़े थे |इसलिए उसने बिना किसी हरकत के मरे होने का नाटक किया

जब वह लोग वहां से चले गए तब वह उठी और अपने घर की तरफ दौड़ने लगी भागते-भागते उसने देखा कि

उसके दोनों हथेलियां हाथ से जुड़ी लटक रही है | यह देख मेरिशल  और भी घबरा गई और रोती-रोती भागती

रही  जब वह अपने घर के करीब पहुँच गई तब  उसने अपनी मां को आवाज दी माँ  बाहर  आई और

अपनी बेटीकी यह हालत देखकर डर गई काँप  गई |

कहानी एक हिम्मती लड़की की 

उन्होंने बेटी को तुरंत एक कंबल में लपेटा और

अस्पताल ले गई हॉस्पिटल उसके घर से दूर था |

इसलिए पहुंचते पहुंचते काफी वक्त बीत गया डॉक्टर को कोई उम्मीद नहीं थी कि मेरिशल  को वह

बचा पाएंगे पर 5 घंटे के ऑपरेशन के बाद वह जिंदा थी पर अफसोस डॉक्टर मेरिशल  के हाथ नहीं

बचा पाए थे |परेशानियां यहीं खत्म नहीं हुई थी जब वह वापस आए तो उन्होंने देखा कि उनका  घर

लूटकर  जलाया जा चुका था गरीब होने के कारण उसके पास हॉस्पिटल का बिल भरने के भी पैसे

नहीं थे| पर दूर के एक रिश्तेदार से उन्हें मदद मिली हॉस्पिटल  के बिल भी भर गए और साथ ही

साथ अपराधियों को सजा भी दिलवा पाए | पर आप जानते हैं इतना सबकुछ हो जाने के बाद भी

मेरिशल कभी भगवान को नहीं कोशा और उनसे यह सवाल नहीं किया कि मेरे साथ ही क्यों बल्कि

उसका तो यह कहना था |

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कि ईश्वर में विश्वास करते हुये मैं और भी दृढ़ निसचई हो गई कि मुझे एक सामान्य जीवन जीना है

छोटी सी मेरिशल कहती मुझे लगता था कि मैं दुनिया में किसी जरूरी मिशन के लिए आई हूँ  |

इसलिए मैं उस हमले से बच गई हूँ | इस दुर्घटना के बाद मेरिशल हाई स्कूल कि पढ़ाई पूरी कि और

2008 में होटल मैनेजमेंट का कोर्स भी पूरा किया क्योंकि उसे बचपन से ही खाना बनाने का शौक था |

और अपने शौक के कारण ही 2011 में सेफ बनने की पूरी ट्रेनिंग ली इतनी  बड़ी डिसेबिलिटी के

बावजूद जिंदगी में आगे बढ़ने के जब्बे को आसपास के लोग नजरंदाज नहीं कर सकते थे |

Class 2 Short Moral Stories In Hindi , Moral लॉन्ग स्टोरी 

और जल्द ही मेरिशल को  मीडिया हाईलाइट करने लगा और ऐसे ही एक प्रोग्राम

को देखकर मनीला के एक होटल ने उसे अपने यहां पर किसी प्रोजेक्ट पर काम करने का मौका दिया

मेरिशल  के साथ काम करने वाली शेफ बताती है कि वह मदद के लिए सिर्फ तभी पुकारती है |

जब उसे कोई गम बर्तन आग से हटाना होता है या फिर किसी बोतल का चिकना ढक्कन खोलना  होता है |

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मेर्रिशल आज भी मनीला के उसी  होटल में बतौर  शेफ काम करती है |और अपने जज्बे के दम पर लाखों

करोड़ों लोगों को इंस्पायर करती  हैं मेरिशल  की जिंदगी से जुड़ी यह सच्ची कहानी सुनने के बाद आपको

भी लग रहा होगा ना कि एक मेरिशल  है | एक हम हैं हमारे  पास तो मेरिशल जैसी इतनी बड़ी-बड़ी प्रॉब्लम्स

भी नहीं आई लेकिन हम इतनी जल्दी घबरा जाते हैं | बस चाहिए तो सिर्फ और सिर्फ जज्बा , कहते हैं –

अगर तबीयत से आप एक पत्थर उठा देना आसमान की तरफ तो उसमें भी हम छेद कर सकते हैं |

कहानी 3 – दूसरे लोग आप के बारे में क्या सोंचते हैं ? Class 2 Short Moral Stories In Hindi

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बहुत समय पहले की बात है | किसी गांव में मोहन नाम का एक किसान रहता था

बहुत मेहनती और ईमानदार |अपने अच्छे बिहेव के कारण दूर-दूर तक लोग उसे

अच्छे से जानते थे |और उसकी तारीफ करते थे पर एक दिन जब देर शाम को खेतों से

काम करके लौट रहा था |तभी रास्ते में उसने कुछ लोगों को बातें करते सुना वह उसी के

बारे में बात कर रहे थे |मोहन अपनी तारीफ सुनने के लिए उन्हें बिना बताए धीरे-धीरे उनके

पीछे चलने लगा पर यह क्या ?जब उसने उनकी बातें सुनी तो पाया कि वह उसकी बुराई कर रहे थे

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कोई कह रहा था कि मोहन घमंडी है कोई कह रहा था कि सब जानते हैं वह अच्छा होने का दिखावा

करता है | मोहन ने इससे पहले सिर्फ अपनी तारीफ सुनी थी पर इस घटना का उसके दिमाग पर

बहुत बुरा असर पड़ा और अब वह जब भी कुछ लोगों को बातें करते देखता तो उसे यही लगता कि

वह उसकी बुराई कर रहे हैं| यहां तक कि अगर कोई उसकी तारीफ भी करता न तो उसे यही लगता

कि वह उसका मजाक उड़ा रहे हैं धीरे – धीरे ये सभी ने महसूस किया की मोहन बदल गया है| और

उसकी पत्नी भी अपने पति के व्यवहार के बदलाव में दुखी रहने लगी | और एक दिन उसने पूछा

आजकल आप इतने परेशान क्यों रहते हैं ? कुछ कारण है मुझे बताइये मोहन ने उदास होते हुये उसने

अपनी सारी बात बता दी पत्नी को भी नहीं समझ आया की क्या किया जाए तभी उसे ध्यान आया कि पास

ही के गांव में एक सिद्ध पुरुष आए हुए हैं |

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वह बोली मुझे पता चला है कि पड़ोस के गांव में एक पहुंचे हुए सिद्ध

पुरुष आए हैं चलिए हम उनसे कोई समाधान पूछते हैं |अगले दिन वह सिद्ध पुरुष के आश्रम में पहुँच

गए मोहन ने सारी घटना बताई और बोला महाराज उस दिन के बाद सभी मेरी बुराई और झूठी प्रशंसा

करते हैं कृपया मुझे बताइए कि मैं वापस अपनी साख कैसे बना सकता हूं |वह सिद्ध पुरुष मोहन

की समस्या के बारे में समझ चुके थे और बोले बेटा एक काम करो तुम अपनी पत्नी को घर छोड़

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आओ  और आज रात मेरे शिविर  में ही ठहरना मोहन ने ऐसा ही किया |पर जब रात में सोने का टाइम

हुआ तो अचानक ही मेंढकों के टर -टर  की आवाज आने लगी मोहन बोलता है महाराज यहाँ इतना शोर

क्यों है इस पर महाराज बोलते हैं बेटा पीछे एक तालाब है रात के वक्त उसमें मौजूद मेंढक अपना राग

अलापने लगते हैं इस  पर मोहन कहता है लेकिन  ऐसे तो कोई रात में सो ही नहीं सकता हां

बेटा पर तुम ही बताओ हम क्या कर सकते हैं ?

हो सके तो तुम कुछ हमारी मदद कर दो मोहन

बोला ठीक है महाराज इतना शोर सुनकर तो लगता है इन मेंढकों की संख्या हजारों में होगी

मैं एक काम करता हूं कल ही गाँव से 50 – 60 मजदूर को लेकर आता हूं और इन्हें पड़कर दूर

नदी में छोड़ आता हूं अगले ही दिन मोहन सुबह – सुबह मजदूरों के साथ वहां पहुंचा विद्वान जी

यह सब देख रहे थे

नैतिकता की कहानी | Moral Story In Hindi

तालाब ज्यादा बड़ा नहीं था 8-10- मजदूरो ने चारों ओर से जाल डाला और

मेंढकों को पकड़ने लगे थोड़ी देर की मेहनत में सारे मेंढक पकड़ लिए गए पर जब मोहन ने

देखा की कुल मिलाकर जिन मेंढकों को वह हजारों की संख्या में समझ रहे थे वह तो निकल

सिर्फ 50 – 60  तब उसने विद्वान जी से पूछा महाराज कल रात तो इसमे हजारों मेढक थे

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आज वह सब कहाँ चले गए यहाँ तो बस मुट्ठी भर मेढक बचे हैं | इस पर विद्वान गंभीर होते हुए बोले

कोई मेंढक कहीं नहीं गया तुमने कल इन्हीं  मेंढकों की आवाज सुनी थी यह मुट्ठी पर मेंढक ही

इतना  शोर कररहे थे  तुम्हें लगा हजारों मेंढक टर -टर कर रहे हैं इस पर वह विद्वान मोहन

को समझाते  हुये कहते हैं  बेटा इसी तरह जब तुमने कुछ लोगों को अपनी बुराई करते सुना

न तो तुम भी यही गलती कर बैठे तुम्हें लगा कि हर कोई तुम्हारी बुराई करताहै पर सच्चाई

यह है की बुराई करने वाले तो लोग मुट्ठी भर मेंढक के समान ही थे इसलिए अगली बार फिर

किसी से बुराई करते  सुनना तो  इतना याद रखना की हो सकता है कि यह कुछ ही लोग हों

Class 2 Short Moral Stories In Hindi

जो ऐसा कर रहे हो और इस बात को भी समझना कि भले ही तुम कितने ही अच्छे क्यों न हो

कुछ लोग ऐसे जरूर होंगे जो कि तुम्हारी बुराई करेंगे |अब मोहन को

अपनी गलती का एहसास हो चुका था और वह फिर से पुराना वाला मोहन बन चुका था |

कहानी 4 – डर के आगे जीत है ||Class 2 Short Moral Stories In Hindi

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किसी  शहर में एक बहुत अमीर आदमी रहता था उसका  एक अजीब सा शौक था |

वह अपने घर के अंदर बने एक बड़े से स्विमिंग पूल में बड़े-बड़े रेप्टाइल्स पाले हुये  था |

जिसमें एक से  बढ़कर एक  ,सांप और मगरमच्छ वगैरा रहते थे |एक बार उसने अपने

घर में पार्टी दी बहुत से लोग उस पार्टी में आए खाने पीने के बाद वह अपने गेस्ट

को स्विमिंग पूल की तरफ लेकर जाता है और कहता है फ्रेंड्स आप इस पूल  को देख

रहे हैं | इसमें एक से बढ़कर एक खतरनाक जीव है अगर आप में से कोई इसे  तैर  कर पार  कर

ले तो मैं उसे 5 करोड रुपए और अपनी बेटी का हाथ दे दूंगा |

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सभी लोग पूल  की तरफ देखते हैं

पर किसी की भी हिम्मत नहीं होती कि उसे पैर  कर पार करे  लेकिन तभी छपाक से पीछे से आवाज

होती है और एक लड़का उसमे  कूद जाता है और पूल में मौजूद  मगरमच्छ और साँपों के बीच से बचता

हुआ दूसरे किनारे पहुँच जाता है | सभी लोग उसकी बहादुरी उसकी हिम्मत देखकर हैरान हो जाते हैं |

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क्योंकि इतने सालों में उसमे कूदना तो दूर उसके पानी को छूने की हिम्मत नहीं की थी |  मालिक  उस

लड़के को अपने पास बुलाता है और बोलता है बेटा आज तुमने बहुत ही हिम्मत का काम किया तुम

सचमुच बहादुर हो बताओ तुम कौन सा इनाम चाहते हो इस पर वह लड़का बोलता है भाई  साहब इनाम

ओनाम तो मैं लेता रहूंगा पहले तो यह बताओ कि मुझे इस पूल  में धक्का किसने दिया था ? यह तो थी |

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एक कहानी और इसमें बहुत बड़ा मैसेज छिपा हुआ है न कि उस लड़के में तैर कर स्विमिंग पूल पार  करने

के काबिलियत तो थी पर अपने आप नहीं कूदा  जब किसी ने उसे धक्का दिया तो वह कूदा  और पार  भी

कर गया |अगर कोई उसे  धक्का नहीं देता तो न कभी वह कूदने  के बारे में सोचता और ना ही वह पूल पार

कर पाता परअब उसकी जिंदगी हमेशा के लिए बदल चुकी थी ऐसे हमारे अंदर कितने टैलेंट छुपे होते हैं

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न और जब हमारे अंदर कॉन्फिडेंस और रिस्क उठाने की कैपेबिलिटी नहीं होती तो वह टैलेंट्स

कैपेबिलिटी हमारे अंदर दबी की दबी रह जाती है इसलिए आई थिंक हर शख्स को चाहिए कि अपने

काबिलियत पर विश्वास रखें और जिंदगी में मिले मौका का हंड्रेड परसेंट फायदा उठाये |

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